राज की रिपोर्ट –
गुणवत्तापूर्ण सरकारी शिक्षा को नई ऊंचाई देने के लिए बिहार सरकार ने राज्यभर में 551 सरस्वती विद्या निकेतन (आदर्श विद्यालय) शुरू किए हैं। ‘सात निश्चय-3’ के अंतर्गत “उन्नत शिक्षा–उज्ज्वल भविष्य” कार्यक्रम का राज्यस्तरीय शुभारंभ मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बेगूसराय से किया।
इसी क्रम में नालंदा जिले के 20 चयनित विद्यालयों का भी उद्घाटन उत्साह के साथ हुआ। सरकार का उद्देश्य सरकारी स्कूलों को स्मार्ट क्लास, कंप्यूटर लैब, विज्ञान प्रयोगशालाओं और डिजिटल शिक्षण से लैस कर निजी स्कूलों के समकक्ष बनाना है।
इन विद्यालयों में कक्षा 9 से ही जेईई, नीट और ओलंपियाड जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की निःशुल्क तैयारी कराई जाएगी। बिहार स्कूल लाइव क्लासेज के जरिए दूरदराज के छात्रों को भी गुणवत्तापूर्ण पढ़ाई मिलेगी।
डीएम उदिता सिंह के निर्देश पर जिले के सभी चयनित विद्यालयों में उद्घाटन समारोह आयोजित किए गए। विद्यालयों को सजाया गया और स्थानीय जनप्रतिनिधियों, अभिभावकों की उपस्थिति में कार्यक्रम संपन्न हुए।
नालंदा के चयनित 20 सरस्वती विद्या निकेतन
गिरियक – उच्च माध्यमिक विद्यालय, चोरसुआ
कतरीसराय – उच्च माध्यमिक विद्यालय, गोवर्धन बिगहा
राजगीर – +2 उच्च विद्यालय, बेलदार बिगहा
सिलाव – रास बिहारी उच्च विद्यालय, नालंदा
बिहारशरीफ – जवाहर कन्या +2 विद्यालय, झिंग नगर
हरनौत – उच्च विद्यालय, गोनावां पोआरी
नूरसराय – उच्च माध्यमिक विद्यालय, सरदार बिगहा
चंडी – उच्च विद्यालय, तुलसीगढ़
अस्थावां – आर.एस.बी. उच्च विद्यालय
बिंद – उच्च विद्यालय, बिंद
रहुई – सर्वोदय +2 उच्च विद्यालय, पैठना
सरमेरा – उच्च विद्यालय, सरमेरा
हिलसा – राम बाबू +2 विद्यालय
करायपरसुराय – उच्च विद्यालय, मकरौता
नगरनौसा – विकास उच्च विद्यालय, भोभी
थरथरी – उच्च विद्यालय, आस्ता
एकंगरसराय – एस.एस. एकेडमी
इस्लामपुर – नेताजी सुभाष उच्च एवं +2 विद्यालय
परवलपुर – एम.डी.एन. एच. एस, बरमिथ
बेन – श्री महात्मा गांधी राष्ट्रीय +2 विद्यालय, गुरुशरणपुर
डीएम ने छात्रों से किया संवाद
उद्घाटन के उपरांत डीएम ने बिहारशरीफ के जवाहर कन्या विद्यालय का निरीक्षण किया। उन्होंने स्मार्ट क्लास, लैब और शैक्षणिक व्यवस्था देखी। शिक्षकों और छात्रों से संवाद कर पठन-पाठन, उपस्थिति और अनुशासन पर चर्चा की।
कार्यक्रम में बिहारशरीफ विधायक डॉ. सुनील कुमार, विधान पार्षद रीना यादव, नगर आयुक्त, उप नगर आयुक्त और शिक्षा विभाग के पदाधिकारी मौजूद थे।
साबित होगा मील का पत्थर
शिक्षकों और अभिभावकों ने इसे सरकारी शिक्षा के लिए मील का पत्थर बताया। उम्मीद है कि ये आदर्श विद्यालय ग्रामीण छात्रों को राष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करेंगे।

