राहुल रंजन की रिपोर्ट –
नूरसराय थाना क्षेत्र के पपरनौसा गांव के खंधा में रविवार को पुलिस ने जमीन खोदकर मजदूर सुरेन्द्र मांझी (45) का शव बरामद किया। इस्लामपुर थाना क्षेत्र के नीलकंठ बिगहा निवासी सुरेन्द्र की पीट-पीटकर हत्या के बाद शव को बोरिंग के पास जमीन में दफना दिया गया था। पुलिस के अनुसार, हत्या रुपये के लेन-देन को लेकर की गयी है। मृतक के परिजनों ने पपरनौसा निवासी मजदूर ठेकेदार मुकेश यादव व उसके सहयोगियों पर हत्या का आरोप लगाया है। मृतक की मौसेरी बहन की भूमिका भी पुलिस जांच रही है।
पुलिस को शुक्रवार रात सूचना मिली थी कि खंधे में कुछ लोग एक व्यक्ति को बेरहमी से पीट रहे हैं। टीम मौके पर पहुंची, लेकिन वहां कोई नहीं मिला। इसके बाद पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी। रविवार को गुप्त सूचना पर बोरिंग के पास जमीन खोदकर शव बरामद किया गया। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया।
छानबीन में सामने आया कि मुकेश ने करीब डेढ़ साल पहले मजदूरों की व्यवस्था के लिए सुरेन्द्र को करीब साढ़े चार लाख रुपये दिए थे। सुरेन्द्र न तो खुद काम पर गया और न मजदूरों की व्यवस्था की। वह दूसरे राज्य चला गया था और दो दिन पहले लौटा था। शुक्रवार को उसकी मौसेरी बहन उसे लेकर नीलकंठ बिगहा से आयी थी। इसके बाद मुकेश रुपये मांगने लगा। पुलिस के अनुसार, रुपये नहीं मिलने पर सुरेन्द्र की मारपीट कर हत्या कर दी गयी और शव दफना दिया गया। थानाध्यक्ष अरविंद कुमार ने बताया कि आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।

