राहुल रंजन की रिपोर्ट
चंडी थाना क्षेत्र के विशुनपुर गांव में गुस्से और आवेश में उठाए गए एक के बाद एक आत्मघाती कदमों ने पूरे परिवार को शोक में डुबो दिया। कुछ ही घंटों के भीतर एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि एक सदस्य जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहा है। सबसे अधिक मार्मिक उन तीन मासूम बच्चों का है, जिनके सिर से एक ही दिन में मां-बाप का साया उठ गया।
शनिवार को जब गांव से एक साथ तीन अर्थियां निकलीं तो माहौल पूरी तरह गमगीन हो गया। अब इस घर में सिर्फ मासूम बच्चों की मासूम आंखें हैं, जिनमें अपने माता-पिता को खोने का दर्द साफ झलक रही है।
मृतकों में 65 वर्षीय दिलेन्द्र तांती, उनके 40 वर्षीय पुत्र रंजीत तांती और 30 वर्षीया बहू गोरी देवी शामिल हैं। वहीं परिवार के एक अन्य सदस्य पुरुषोत्तम तांती का एक निजी क्लिनिक में इलाज चल रहा है।
सबसे पहले पुरुषोत्तम तांती ने फांसी लगाकर आत्महत्या का प्रयास किया। ग्रामीणों ने समय रहते उन्हें बचा लिया और इलाज के लिए निजी क्लिनिक में भर्ती कराया। इसके बाद रंजीत तांती और उनकी पत्नी गोरी देवी ने गेहूं में डालने वाली जहरीली दवा खा ली। दोनों की हालत बिगड़ने पर अस्पताल ले जाया गया, जहां पहले गोरी देवी और फिर रंजीत की मौत हो गई। इसी बीच परिवार के मुखिया दिलेन्द्र तांती ने घर की छत के हूक में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। कुछ ही घंटों में एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत से गांव में कोहराम मच गया।
चार वर्षीय पुत्र प्रिंस ने पुलिस को बताया कि उसके माता-पिता माधोपुर बाजार से सल्फास लेकर आए थे। उन्होंने खुद दवा खाई और उसे भी खिलाने का प्रयास किया, लेकिन उसने दवा फेंक दी।
घटना के कारणों को लेकर गांव में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। हालांकि पुलिस अभी किसी अंतिम निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है।
हिलसा डीएसपी सुनील कुमार सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में ससुर और बहू के कथित अवैध संबंध उजागर होने के बाद उत्पन्न तनाव और ग्लानि की बात सामने आई है। हालांकि पुलिस सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच कर रही है और जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेगा।

