राहुल रंजन की रिपोर्ट
लहेरी थाना की पुलिस ने तीन करोड़ रुपये के ठगी मामले में ट्रैक्टर व्यवसायी नीतीश कुमार को गिरफ्तार किया है। इस मामले में अब नया मोड़ आ गया है। उनके पिता प्रमोद कुमार सिंह ने मंगलवार को प्रेस वार्ता कर बेटे के खिलाफ करायी गयी एफआईआर को झूठा बताया गया। उनका आरोप है कि उनके बेटे ने कोई रुपये नहीं लिये। आरोप लगाने वाले ने उनके बेटे से रुपये लिये थे। रुपये नहीं लौटाने पड़े, इसके लिए उसपर झूठा इल्जाम लगाया गया है।
उनका कहना है कि उनके बेटे और एफआईआर करवाने वाले वीरेन्द्र प्रसाद में काफी समय से जान-पहचान है। विरेन्द्र उनके बेटे से समय-समय पर रुपये लेते रहते थे। कभी व्यवसाय के नाम पर तो कभी शादी के नाम पर। करीब 30 लाख रुपये उनके बेटे का बकाया है। रुपये मांगने पर यह साजिश रची गयी। उन्होंने अगर तीन करोड़ रुपये दिये हैं तो उसका साक्ष्य होना चाहिए। बैंक से रुपये निकासी या जमा की विवरणी निकाली जा सकती है। रुपये गबन करने के लिए उनके बेटे के खिलाफ झूठा साक्ष्य गढ़ा गया। उन्होंने विरेन्द्र के खिलाफ भी एफआईआर के लिए थाने में आवेदन दिया था। इस मामले में पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होंने वरीय पुलिस अधिकारियों से मामले की निष्पक्षता से जांच करने की मांग की है।

