राहुल रंजन की रिपोर्ट
नगरनौसा प्रखंड में डिग्री कॉलेज के स्थान चयन को लेकर चल रहा विवाद गुरुवार को हिंसक झड़प में बदल गया। 18 जून को प्रस्तावित सड़क जाम के दौरान प्रदर्शनकारियों में शामिल उपद्रवियों ने पुलिस पर पथराव कर दिया। दोनों तरफ से रोड़े चलने पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर भीड़ को खदेड़ा और इलाके को छावनी में बदल दिया।
हिंसा की शुरुआत प्रदर्शनकारी नेता ‘पप्पू सर’ की गिरफ्तारी के बाद हुई। खबर मिलते ही करीब 50 ग्रामीण नगरनौसा थाना पहुंचे और पथराव शुरू कर दिया। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे। पथराव में चंडी सर्कल इंस्पेक्टर समेत कई पुलिसकर्मी घायल हुए। पुलिस वाहनों को भी नुकसान पहुंचा।
स्थिति बिगड़ने पर हिलसा की एएसपी शैलजा कुमारी और एसडीएम अमित कुमार पटेल मौके पर पहुंचे। ड्रोन से निगरानी कर पुलिस ने 50 से अधिक उपद्रवियों को गिरफ्तार किया। फुटेज के आधार पर फरार लोगों की तलाश जारी है। प्रशासन ने फ्लैग मार्च निकालकर यातायात बहाल किया।विवाद 20 मई से चल रहा है।
एसएफआई की राज्य अध्यक्ष कांति कुमारी के नेतृत्व में प्रदर्शनकारी कॉलेज को नगरनौसा मुख्यालय के बजाय लोदीपुर हाई स्कूल में शुरू करने का विरोध कर रहे हैं। एक पक्ष मुख्यालय में कॉलेज चाहता है, जबकि दूसरे पक्ष का कहना है कि लोदीपुर में 4 एकड़ जमीन और 20 कमरे उपलब्ध हैं, जो संचालन के लिए उपयुक्त हैं।डीएम कुंदन कुमार, एसपी भरत सोनी समेत वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।

