• May 31, 2026 11:53 pm

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न्यूज नालंदा : दूसरा शाही स्नान पर उमड़ा आस्था का सैलाब, दो किलोमीटर तक लगी श्रद्धालुओं की लंबी लाइन …..

ByReporter Pranay Raj

May 31, 2026

राहुल रंजन की रिपोर्ट 

राजगीर मलमास मेला के दूसरे शाही स्नान पर रविवार को राजगीर पूरी तरह भक्तिमय माहौल में डूब गया।  ब्रह्मकुंड, गुरु नानक कुंड, सूर्यकुंड समेत सभी गर्म जलकुंडों में स्नान के लिए 5 लाख से अधिक श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। सुबह से ही कुंडों और मंदिरों की ओर जाने वाले मार्गों पर श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। स्थिति यह रही कि जरा देवी मंदिर से लेकर कुंड परिसर तक करीब दो किलोमीटर लंबी लाइन लगी रही और श्रद्धालुओं को अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा।

अहले सुबह विभिन्न अखाड़ों के साधु-संत, महंत और नागा संन्यासी शाही स्नान के लिए निकले। प्रशासन द्वारा बनाए गए रेड कॉरिडोर से गुजरते हुए साधु-संतों का जत्था ब्रह्मकुंड पहुंचा, जहां वैदिक मंत्रोच्चार, शंखनाद और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच दूसरे शाही स्नान की परंपरा संपन्न हुई। ब्रह्मकुंड में स्नान के बाद साधु समाज ने जयघोष किया, जिससे पूरा मेला क्षेत्र गूंज उठा। अयोध्या सहित देश के विभिन्न धार्मिक स्थलों से पहुंचे साधु-संतों ने भी पवित्र कुंडों में स्नान कर धर्मसभा और पूजा-अर्चना में भाग लिया।

साधु-संतों के शाही स्नान के उपरांत आम श्रद्धालुओं के लिए कुंड परिसर खोला गया। इसके बाद ब्रह्मकुंड, गुरु नानक कुंड और अन्य कुंडों में स्नान के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। हर-हर महादेव, जय श्रीराम और विभिन्न धार्मिक जयघोषों के बीच श्रद्धालुओं ने पुण्य की डुबकी लगाई तथा परिवार की सुख-समृद्धि, आरोग्यता और मंगलकामना के लिए प्रार्थना की। अंतर्यामी शरण जी महाराज सहित कई संत-महात्माओं ने भी श्रद्धालुओं के साथ स्नान कर धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराया।

धार्मिक मान्यता है कि मलमास के दौरान राजगीर के पवित्र गर्म जलकुंडों में स्नान और पूजन करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। पूर्णिमा के दिन स्नान करने से पापों का क्षय होता है और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। इसी आस्था के कारण बिहार ही नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, मध्य प्रदेश और अन्य राज्यों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु राजगीर पहुंचे।

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहा। जिलाधिकारी कुंदन कुमार और पुलिस अधीक्षक भारत सोनी लगातार मेला क्षेत्र की निगरानी करते रहे। कुंड परिसर, मंदिरों और प्रमुख मार्गों पर बड़ी संख्या में पुलिस बल, दंडाधिकारी और स्वयंसेवकों की तैनाती की गई थी। सीसीटीवी कैमरों के जरिए पूरे मेला क्षेत्र पर नजर रखी गई। स्वास्थ्य शिविर, पेयजल, साफ-सफाई, कंट्रोल रूम और आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं की भी विशेष व्यवस्था की गई थी, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा।

15 जून तक चलने वाले राजगीर मलमास मेले में अब श्रद्धालुओं की निगाहें 11 जून को होने वाले तीसरे और अंतिम शाही स्नान पर टिक गई हैं। वहीं 15 जून को अमावस्या स्नान, विशेष धार्मिक अनुष्ठानों और देवताओं के विसर्जन के साथ इस ऐतिहासिक मेले का समापन होगा।