राहुल रंजन की रिपोर्ट
पावापुरी ओपी क्षेत्र के शमवशरण मंदिर के समीप मजदूरों से भरी बस में 11 हजार वोल्ट का करंट दौड़ने से एक दंपति की मौके पर मौत हो गई, जबकि एक दर्जन मजदूर झुलसकर जख्मी हो गए। हादसा उस समय हुआ जब बस घर से महज दो किलोमीटर पहले थी।
पश्चिम चंपारण के बेतिया स्थित ईंट-भट्ठे से काम कर लौट रहे मजदूर घोसरावा गांव जा रहे थे। पावापुरी-घोसरावा मार्ग पर हाईटेंशन लाइन काफी नीचे झूल रही थी। बस की छत पर रखी साइकिल का हैंडल तार से छूते ही पूरी बस में करंट फैल गया। बस में चीख-पुकार मच गई। जान बचाने के लिए कई यात्री चलती बस से कूद पड़े और गंभीर रूप से घायल हो गए।
घटना में घोसरावा निवासी 50 वर्षीय रूदल मांझी और उनकी 45 वर्षीया पत्नी फूलो देवी की मौत हो गई। दोनों बस के अंदर बैठे थे। इस हादसे में उनके सात बच्चे अनाथ हो गए हैं, जिनमें चार बेटे और तीन बेटियां शामिल हैं।
घायलों में पुटूस कुमारी, रिंकू देवी, कालू मांझी, संतोष मांझी, पवन मांझी, धर्मेंद्र मांझी, सरोज देवी, करीना कुमारी और दो वर्षीय बालक राज शामिल हैं। कुछ भगदड़ व बस से कूदकर जख्मी हुए।
सभी का इलाज भगवान महावीर आयुर्विज्ञान संस्थान, पावापुरी में चल रहा है। हादसे के बाद ग्रामीणों ने बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया। लोगों का कहना है कि हाईटेंशन तार की शिकायत कई बार की गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। राजगीर डीएसपी ने बताया कि दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।

