राज –
शहर के कागजी मोहल्ला स्थित नव जीवन अस्पताल के संचालक शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. ब्रजेश कुमार की मेहनत रंग लाई। जिससे नवजात को नया जीवन मिला। परिवार के लोग धरती के भगवान की सराहना कर रहे हैं।
नवादा जिले के हंडिया गांव की रहने वाली अनु कुमारी ने 22 फरवरी को समय से पहले जन्मे नवजात इलाज के लिए क्लिनिक में भर्ती कराया था। बच्चा महज आठ माह में ही जन्मा था और उसका वजन मात्र 1 किलो 500 ग्राम था। उसकी स्थिति नाजुक थी। परिजन उसके जीने की आस छोड़ चुके थे। नवजात के दिल की धड़कन तेज थी। सांस लेने में परेशानी हो रही थी। डॉक्टर ने नवजात को वेंटिलेटर सपौर्ट पर रखकर इलाज शुरू किया। शुरुआती कुछ दिन चुनौतीपूर्ण रहा। डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ की लगातार मेहनत से नवजात की हालत में सुधार होने लगा। 22 दिनों के इलाज के बाद नवजात खतरे से बाहर हो गया। नवजात में सुधार देख परिजनों की आंखें भर आई। परिजनों ने कहा कि डॉक्टर आज भी धरती के भगवान हैं।

