राहुल रंजन की रिपोर्ट
बिहार पुलिस की ताकत बढ़ गई है। 162 नए जवान सूबे को मिले हैं। जवानों की खासियत है कि बदमाशों से निपटने के साथ ये साइबर अपराधियों को भी सबक सिखने में दक्ष हैं। दीपनगर थाना अंतर्गत स्थित पुलिस केंद्र में मंगलवार को 162 प्रशिक्षु पुलिस जवानों का दीक्षांत परेड समारोह गरिमामय माहौल में संपन्न हुआ। मगध प्रक्षेत्र के आईजी जितेंद्र राणा ने परेड की सलामी ली और सभी जवानों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।
प्रशिक्षण पूरा कर परेड मैदान से गुजरते समय कई जवान भावुक हो उठे। कुछ की आंखें खुशी और गर्व के आंसुओं से छलक उठीं। शानदार परेड प्रदर्शन के बाद आईजी ने जवानों को संबोधित किया।
आईजी ने कहा कि पुलिस की वर्दी केवल पोशाक नहीं, बल्कि पहचान, जिम्मेदारी और जनता के विश्वास का प्रतीक है। “वर्दी को हमेशा सम्मान, अनुशासन और स्वच्छता के साथ धारण करना चाहिए। वर्दी ही आपकी पहचान है। इसे पहनते समय गर्व होना चाहिए और इसकी गरिमा हर परिस्थिति में बनी रहनी चाहिए।
इस मौके पर मौजूद एसपी भारत सोनी ने बताया कि बदलते परिवेश में अपराध का तरीका भी बदला है। साइबर अपराधी पुलिस के लिए चुनौती बने हैं। नए जवानों को साइबर अपराधियों से निपटने में दक्ष किया गया। इसके अलावा बदमाशों को जवान आसानी से सबक सिखा सकते हैं। जवानों को सौहार्द को केंद्र में रखकर पुलिस का प्रशिक्षण दिया गया है। किसी भी परिस्थति में जवान अपना धैय नहीं खायेंगे। इसकी खास ट्रैनिंग जवानों को मिली है।
इस मौके पर डीएसपी श्याम किशोर रंजन, रंजन कुमार, ऋषभ आनंद, संजीत कुमार गुप्ता, तारकेश्वर प्रसाद सिंह, कुमार ऋषि राज, संजय कुमार जायसवाल, रामदुलार प्रसाद, खुर्शीद आलम, सार्जेंट मेजर राजमणि, थानाध्यक्ष सम्राट दीपक, मुकेश कुमार मुकेश, रंजीत कुमार रजक, सुमन कुमार सहित कई पदाधिकारी, जवान और परिजन मौजूद रहे।
भावुक हुए जवान
बड़ी संख्या में मौजूद परिजनों ने तालियों से जवानों का उत्साहवर्धन किया। समारोह के बाद जवान परिजनों के साथ सेल्फी लेते भी दिखे। कुछ जवानों अपने हथियार परिजनों को देकर फोटो क्लिक कराई। हालांकि, इसकी आलोचना हुई।

