राहुल रंजन की रिपोर्ट
बिहार पुलिस अकादमी, राजगीर में मंगलवार को आयोजित 69वें दीक्षांत समारोह में एक वर्ष का कठिन प्रशिक्षण पूरा करने वाले 19 डीएसपी प्रशिक्षुओं की पासिंग आउट परेड संपन्न हुई। इनमें 14 पुरुष एवं 5 महिला अधिकारी शामिल हैं। मुख्य अतिथि पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) विनय कुमार ने परेड की सलामी ली तथा सभी प्रशिक्षु अधिकारियों को गोपनीयता एवं पद की शपथ दिलाई।
इस अवसर पर डीजीपी विनय कुमार ने कहा कि बिहार पुलिस लगातार आधुनिक तकनीक, फॉरेंसिक विज्ञान और वैज्ञानिक अनुसंधान आधारित पुलिसिंग को मजबूत कर रही है। साइबर अपराध, डिजिटल ठगी और तकनीक आधारित अपराधों की बढ़ती चुनौतियों को देखते हुए पुलिस अधिकारियों को अत्याधुनिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नए अधिकारी कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ जनता और पुलिस के बीच विश्वास को और मजबूत करेंगे।
उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को अपराध अनुसंधान, साइबर फ्रॉड की जांच, डिजिटल साक्ष्य संग्रहण, फॉरेंसिक जांच, दंगा एवं भीड़ नियंत्रण, आपदा प्रबंधन, मानवाधिकार, नेतृत्व क्षमता और सामुदायिक पुलिसिंग का विशेष प्रशिक्षण दिया गया। आधुनिक पुलिसिंग में तकनीक की भूमिका बढ़ने के कारण अधिकारियों को डिजिटल उपकरणों और वैज्ञानिक जांच पद्धतियों के उपयोग की भी विस्तृत जानकारी दी गई।
परेड कमांडर बनीं पूजा कुमारी :
पासिंग आउट परेड का नेतृत्व मुंगेर जिले की प्रशिक्षु डीएसपी पूजा कुमारी ने किया। उन्होंने बताया कि एक वर्ष का प्रशिक्षण उनके जीवन का महत्वपूर्ण अनुभव रहा। प्रशिक्षण ने उन्हें शारीरिक, मानसिक और पेशेवर रूप से अधिक सक्षम बनाया है। उन्होंने कहा कि पुलिस सेवा में रहते हुए कानून का निष्पक्ष पालन और आम जनता की सुरक्षा उनकी प्राथमिकता होगी।
जनता की सेवा करना सबसे बड़ी जिम्मेदारी : मोनिका कुमारी
सिवान जिले की प्रशिक्षु डीएसपी मोनिका कुमारी ने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान पुलिसिंग के हर पहलू की व्यावहारिक जानकारी दी गई। उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारी के रूप में जनता की सेवा करना और पीड़ितों को त्वरित न्याय दिलाने की दिशा में कार्य करना उनकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी होगी। उन्होंने प्रशिक्षण के दौरान मिले मार्गदर्शन के लिए अकादमी के प्रशिक्षकों का आभार जताया।
तकनीक आधारित अपराधों से निपटने को तैयार : आनंद कुमार
बेगूसराय जिले के प्रशिक्षु डीएसपी (टेक्निकल) आनंद कुमार ने कहा कि वर्तमान समय में अपराध का स्वरूप तेजी से बदल रहा है और साइबर अपराध बड़ी चुनौती बनकर उभरा है। प्रशिक्षण के दौरान साइबर जांच, डिजिटल फॉरेंसिक और तकनीकी साक्ष्यों के संग्रहण पर विशेष जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि तकनीकी विशेषज्ञता के बल पर वे साइबर अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने और आम लोगों को डिजिटल ठगी से बचाने के लिए काम करेंगे।
समारोह में पुलिस विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी, प्रशिक्षुओं के परिजन और आमंत्रित अतिथि मौजूद रहे। पासिंग आउट परेड के साथ ही 19 नए अधिकारी बिहार पुलिस सेवा में शामिल हो गए, जिनसे राज्य में कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने में मदद मिल सकेगा ।

