राहुल रंजन की रिपोर्ट
नूरसराय प्रखंड के परासी मध्य विद्यालय में मध्याह्न भोजन (एमडीएम) में नमक की जगह सर्फ डालकर बच्चों को परोसे जाने के मामले में शिक्षा विभाग ने कड़ी कार्रवाई की है। घटना में विद्यालय के प्रधानाध्यापक को निलंबित कर दिया गया है। वहीं, एमडीएम तैयार करने वाले तीन रसोइयों की सेवा समाप्त कर दी गई है। भोजन उपलब्ध कराने वाली संस्था एकता फाउंडेशन और एमडीएम के जिला कार्यक्रम प्रबंधक (डीपीएम) को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। मंगलवार को एमडीएम खाने के बाद करीब 35 बच्चों के बीमार पड़ने से विद्यालय में अफरातफरी मच गई थी।
बताया जाता है कि मंगलवार को विद्यालय में बच्चों के लिए एमडीएम तैयार किया गया था। भोजन परोसे जाने के कुछ देर बाद ही कई बच्चों की तबीयत बिगड़ने लगी। बच्चों ने उल्टी, चक्कर, बेचैनी और पेट में परेशानी की शिकायत की। एक साथ कई बच्चों के बीमार पड़ने की सूचना मिलते ही विद्यालय में हड़कंप मच गया। घटना की जानकारी मिलने पर बड़ी संख्या में अभिभावक स्कूल पहुंचे और बच्चों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।
घटना के बाद शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू की। जांच में एमडीएम में नमक की जगह सर्फ डालकर भोजन तैयार किए जाने की बात सामने आई। इसे विभाग ने गंभीर लापरवाही मानते हुए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की। जांच के आधार पर प्रधानाध्यापक को निलंबित किया गया, जबकि भोजन तैयार करने वाली तीनों रसोइयों को सेवा से मुक्त कर दिया गया।
एकता फाउंडेशन और डीपीएम से मांगा स्पष्टीकरण
एमडीएम उपलब्ध कराने वाली संस्था एकता फाउंडेशन की भूमिका पर भी विभाग ने सवाल उठाए हैं। संस्था को नोटिस जारी कर पूरे मामले में स्पष्टीकरण मांगा गया है। इसके अलावा एमडीएम के जिला कार्यक्रम प्रबंधक (डीपीएम) को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। विभाग यह जांच कर रहा है कि खाद्य सामग्री की उपलब्धता, उसकी जांच और विद्यालय में एमडीएम की निगरानी के दौरान चूक कहां हुई।
भोजन की गुणवत्ता में लापरवाही बर्दाश्त नहीं
जिला शिक्षा पदाधिकारी हेमचंद वर्मा ने बताया कि परासी मध्य विद्यालय की घटना को गंभीरता से लिया गया है। प्रधानाध्यापक को निलंबित और तीन रसोइयों की सेवा समाप्त कर दी गई है। एकता फाउंडेशन और एमडीएम के डीपीएम से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है। उन्होंने कहा कि बच्चों के भोजन की गुणवत्ता और सुरक्षा में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जांच में यदि अन्य लोगों की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
एमडीएम की निगरानी व्यवस्था पर उठे सवाल
घटना ने सरकारी स्कूलों में बच्चों को दिए जाने वाले मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एमडीएम की सामग्री उपलब्ध कराने से लेकर भोजन तैयार करने और बच्चों को परोसने तक निगरानी की व्यवस्था है। इसके बावजूद नमक की जगह सर्फ का इस्तेमाल होना व्यवस्था में गंभीर चूक माना जा रहा है। शिक्षा विभाग की कार्रवाई के बाद अब विद्यालय में एमडीएम की निगरानी व्यवस्था को और सख्त किए जाने की बात कही जा रही है।

