राहुल रंजन की रिपोर्ट –
शहर के नालंदा हड्डी एवं रीढ़ सेंटर स्थित इमरजेंसी एंड ट्रामा हॉस्पिटल में मेदांता के सहयोग से ई-आईसीयू (इलेक्ट्रॉनिक इंटेंसिव केयर यूनिट) सेवा की शुरुआत की जा रही है। इस व्यवस्था के तहत अस्पताल में भर्ती गंभीर मरीजों की निगरानी दूर बैठे विशेषज्ञ डॉक्टरों की मदद से की जाएगी। आधुनिक तकनीक के माध्यम से मरीजों की स्वास्थ्य संबंधी जरूरी जानकारियां विशेषज्ञ डॉक्टरों तक पहुंचेंगी। इससे इमरजेंसी और ट्रामा के मरीजों को बेहतर चिकित्सा परामर्श उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
मौके पर हॉस्पिटल के डॉक्टर रश्मि कुमारी नारायण ,डॉक्टर कुमार अमरदीप नारायण ने बताया कि ई-आईसीयू के माध्यम से गंभीर मरीजों की लगातार निगरानी की जा सकेगी। मरीज की हार्टबीट, ब्लड प्रेशर, ऑक्सीजन लेवल और अन्य महत्वपूर्ण स्वास्थ्य संकेतों पर नजर रखी जाएगी। इन जानकारियों के आधार पर विशेषज्ञ डॉक्टर मरीज की स्थिति का आकलन कर जरूरी चिकित्सकीय सलाह दे सकेंगे। इससे इलाज के दौरान समय पर निर्णय लेने में सहूलियत होगी।
उन्होंने बताया कि कई बार इमरजेंसी में ऐसे मरीज पहुंचते हैं, जिन्हें तत्काल विशेष चिकित्सकीय देखरेख की जरूरत होती है। ऐसी स्थिति में विशेषज्ञ डॉक्टरों का मार्गदर्शन काफी महत्वपूर्ण होता है। ई-आईसीयू व्यवस्था से स्थानीय डॉक्टरों को विशेषज्ञों के साथ समन्वय बनाकर मरीजों के इलाज में मदद मिलेगी।
नर्स प्रैक्टिशनर प्रीति कुमारी ने बताया कि इस व्यवस्था में नर्सिंग कर्मियों की भूमिका भी महत्वपूर्ण होगी। मरीजों की नियमित निगरानी, स्वास्थ्य संबंधी आंकड़ों को अपडेट करना और विशेषज्ञ डॉक्टरों के निर्देशों के अनुसार स्थानीय स्तर पर चिकित्सा टीम के साथ समन्वय बनाना इसका हिस्सा होगा।
इस सेवा के शुरू होने से बिहारशरीफ और आसपास के क्षेत्रों के गंभीर मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सा परामर्श उपलब्ध कराने की दिशा में एक नई पहल होगी। खासकर इमरजेंसी और ट्रामा के मामलों में समय पर चिकित्सकीय मार्गदर्शन मिलने से इलाज की प्रक्रिया को बेहतर बनाने में सहायता मिल सकती है।
मौके पर ऋषि कुमार, अतीक , मो वजिहुएद्दीन, रिक्की कुमार , अवधेश कुमार, अविनाश कुमार, बबीता कुमारी, गुंजा कुमारी व अन्य मौजूद थे।

