राहुल रंजन की रिपोर्ट
नीट पुनर्परीक्षा में गड़बड़ी के मामले में आर्थिक अपराध इकाई यानी की जांच तेज हो गई है। ईओयू की टीम बुधवार को पावापुरी स्थित मेडिकल कॉलेज पहुंची। टीम ने करीब ढाई घंटे तक कॉलेज में जांच-पड़ताल की और आरोपित एमबीबीएस छात्रों के शैक्षणिक रिकॉर्ड, उपस्थिति विवरण और अन्य दस्तावेजों की गहन जांच की। इस दौरान टीम ने प्राचार्य डॉ. सर्विल कुमारी के साथ बैठक कर कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर जानकारी ली।
दस्तावेजों और बायोमेट्रिक का सत्यापन जांच के दौरान ईटोयू के अधिकारियों ने आरोपित छात्रों से जुड़े शैक्षणिक अभिलेख, कॉलेज में उनकी उपस्थिति, पहचान संबंधी दस्तावेज तथा परीक्षा से जुड़ी सूचनाओं का सत्यापन किया। कॉलेज प्रशासन से यह भी जानकारी ली गई कि परीक्षा अवधि के दौरान संबंधित छात्रों की मौजूदगी को लेकर क्या रिकॉर्ड उपलब्ध हैं। सूत्रों के अनुसार जांच टीम ने कॉलेज के कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों से भी पूछताछ की। विशेष रूप से परीक्षा केंद्रों पर बायोमेट्रिक सत्यापन, पहचान प्रक्रिया और संभावित मिलीभगत के पहलुओं पर जानकारी जुटाई गई।
परीक्षा के दिन तीन छात्र मिले थे अनुपस्थित
इससे पहले री-एग्जाम के दिन कॉलेज प्रशासन ने सभी छात्रों को कैंपस में अनिवार्य उपस्थिति के लिए दो बार अटेंडेंस ली थी। उस दौरान रविशंकर उर्फ सम्राट, रंजीत कुमार और एक अन्य छात्र अनुपस्थित मिले थे। तीनों के मोबाइल फोन भी स्विच ऑफ पाए गए थे। जांच में सामने आया है कि रविशंकर उर्फ सम्राट पर अपनी पत्नी के स्थान पर दिल्ली की एक एमबीबीएस छात्रा से री-एग्जाम दिलाने की साजिश रचने का आरोप है। वहीं, रंजीत कुमार और तीसरे छात्र पर इस साजिश में सहयोग करने तथा सॉल्वर गैंग से संपर्क में रहने का आरोप है।
नेटवर्क और आर्थिक लेन-देन की जांच
ईओयू अब तीनों छात्रों की भूमिका, उनके आपसी नेटवर्क और इस पूरे फर्जीवाड़े में शामिल अन्य लोगों की संलिप्तता की गहन जांच कर रही है। जांच एजेंसी आर्थिक लेन-देन और सॉल्वर गैंग के संपर्क सूत्रों की भी पड़ताल कर रही है।

