न्यूज नालंदा – डॉक्टर से मंत्री का सफर, डॉ. सुनील निर्दलीय लड़े थे पहला चुनाव…
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राज – 9334160742
भाजपा के नगर विधायक को नीतीश सरकार में मंत्री पद दिया गया है। जिससे शहर ही नहीं जिलेवासी गौरवांवित महसूस कर रहे हैं। डॉ. कुमार लगातार पांचवीं बार बिहारशरीफ विधानसभा सीट से जीत हासिल किए हैं। अपने राजनीतिक सफर की शुरूआत वह निर्दलीय उम्मीदवार से किए थे। करीब 31 हजार से अधिक मत लाने पर राजनीतिक दलों की नजर उन पर गई। 2005 में उन्होंने बिहारशरीफ विधानसभा चुनाव में राजद नेता सैयद नौशादुन्नबी उर्फ पप्पू खान को शिकस्त दी।
सुनील कुमार ने 2005 और 2010 के विधानसभा चुनाव जनता दल (यूनाइटेड) के टिकट पर लड़े और दोनों बार विजयी रहे। हालांकि, 2013 में जदयू द्वारा भाजपा के साथ 17 साल पुराना गठबंधन तोड़ने के बाद, उन्होंने जदयू छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का दामन थाम लिया। इसके बाद, उन्होंने 2015 और 2020 के विधानसभा चुनाव भाजपा के टिकट पर लड़ा और लगातार जीत दर्ज की।
20 जनवरी 1957 को नालंदा जिले में जन्मे सुनील कुमार ने एमबीबीएस की डिग्री प्राप्त की और राजनीति में आने से पहले एक डॉक्टर के रूप में प्रैक्टिस कर रहे थे। 1995 में उन्होंने राजनीति में कदम रखा। उनकी पत्नी का नाम संगीता देवी है। राजनीति के अलावा, सुनील कुमार फिल्म निर्माण में भी सक्रिय हैं। 2006 में उन्होंने भोजपुरी फिल्म निर्माण में कदम रखा और अब तक तीन भोजपुरी फिल्मों का निर्माण कर चुके हैं। सुनील कुमार ओबीसी समुदाय के कोइरी जाति से आते हैं। वे नालंदा जिले के कोइरी बहुल बिहारशरीफ निर्वाचन क्षेत्र से लगातार जीत दर्ज करते आ रहे हैं।
नहीं लगा भ्रष्टाचार का दाग
अपने कार्यकाल के दौरान, वे प्रशासनिक मामलों में सतर्कता और पारदर्शिता के लिए जाने जाते हैं। उनकी गहरी राजनीतिक पकड़ और जनसमर्थन उन्हें क्षेत्र में एक मजबूत नेता बनाता है। अपने दामन पर उन्होंने कभी भ्रष्टाचार का दाग नहीं लगने दिया।