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न्यूज नालंदा – काश.अस्पताल चले जाते तो, बच सकती थी जान….

ByReporter Pranay Raj

Jun 30, 2022

राज – 7903735887 

अंधविश्वासी परिवार के चक्कर में बेटी की जान चली गई। दरअसल, चंडी थाना क्षेत्र के माधोपुरडीह गांव में बुधवार की शाम शौच के लिए घर से निकली 10 साल की बच्ची सर्पदंश का शिकार हो गई। परिजन इलाज कराने के बजाय उसका झाड़फूंक कराने लगे। इलाज में देरी होने के कारण बच्ची की जान चली गई। मृतका शशिकांत कुमार की बेटी रागिनी कुमारी है। सूचना के बाद पुलिस शव को कब्जे में कर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल लाई।

घंटों चला झाड़फूंक का पाखंड

सर्पदंश की भनक लगने पर परिवार बच्ची को अस्पताल ले जाने के बजाय झाड़फूंक के लिए उसे ओझा के पास लेकर चला गया। ओझा घंटों झाड़फूंक का पाखंड करते हुए बच्ची को स्वस्थ्य कर देने का दावा कर रहा था। सुधार के बजाय उसकी हालत बिगड़ती गई। तब उसे अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। थानाध्यक्ष अभय कुमार ने बताया पोस्टमार्टम के बाद शव परिवार के हवाले कर दिया गया।